सऊदी महिलाओं को परिवार के बिना अकेले रहने की अनुमति

नया कानून क्या कहता है?

सऊदी अरब के नए कानून अनुसार एक वयस्क महिला, तलाकशुदा या विधवा महिला को पुरुष अभिभावक की अनुमति के बिना सऊदी अरब में अलग आवास में रहने का अधिकार देता है।

अनुच्छेद संख्या 169″शरिया अदालतों के समक्ष प्रक्रिया कानून” के पैराग्राफ बी में कहा गया है कि एक महिला (वयस्क अविवाहित, तलाकशुदा, या विधवा) को उसके पुरुष अभिभावक को सौंप दिया जाना चाहिए/संरक्षण में होना चाहिए”।

न्यायिक अधिकारियों ने अनुच्छेद के शब्दावली को बदल दिया है और कहा है कि:एक वयस्क महिला को यह चुनने का अधिकार है कि वह कहाँ रहना चाहती हैएक महिला का अभिभावक उसकी रिपोर्ट तभी कर सकता है जब उसके पास यह साबित करने के सबूत हों कि उसने कोई अपराध किया है

इसके अलावा, उन महिलाओं के खिलाफ कोई मुकदमा दायर नहीं किया जा सकता है, जिन्होंने अपने परिवारों से अकेले रहने का विकल्प चुना है। पढ़े-सऊदी अरब में अब विदेशी महिलाओं को अबाया पहनने आवश्यकता नहीं है

जेल से रिहा हुई महिलाएं

इसके अलावा नए फैसले में यह सुधार/बदलाव किया गया है जिन महिलाओं ने जेल की सजा काट ली है, वे स्वतंत्र होंगी और उन्हें पुरुष अभिभावक को नहीं सौंपा जाएगा।

मरियम अल ओतैबी की कहानी

32 वर्षीय सऊदी लेखिका मरियम अल ओतैबी पर उनके परिवार ने परिवार के इच्छा के विरुद्ध परिवार से अलग अकेले रहने पर उनके खिलाफ मुकदमा कर दिया था। 

2017 में अल ओतैबी अल-क़ासिम प्रांत के अर रास शहर से रियाद भाग गई थी जिसके बाद उनके परिवार ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कर दिया था जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया था। 

अल ओतैबी ने तीन साल तक इस कानून के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी और आखिरकार अदालत ने उन्हें स्वतंत्र रूप से अकेले रहने की अनुमति दे दी।

आखिरकार अदालत ने फैसला सुनाया कि वह जहां चाहे वहां रहने की हकदार है और इस तरह अल ओतैबी अपने माता पिता के खिलाफ कानूनी लड़ाई जीती जिन्होंने उसके खिलाफ मुकदमा दायर किया था। 

इस घटनाक्रम और अदालती के फैसला आने के बाद किंग सलमान ने अभिभावकत्व नियमों को संशोधित करने के आदेश जारी किए थे। पढ़े-एक प्रवासी को सऊदी महिला या पुरुष से शादी करने के लिए 16 शर्तें पूरी करनी होगी

स्रोत-गल्फ न्यूज 

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